हरे ग्रैनी स्मिथ ने अक्टूबर में बरसाए लाल नोट,25 किलो बक्सा 3250 ₹

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दिल्ली में छाया रतनाड़ी का सिंगल लेअर पैक ग्रैनी स्मिथ
मंडी में सिंगल लेअर पैकिंग में आशुतोष चौहान ने पहला ट्राइल सफल
अगर कोई कुछ अलग करने का जज्बा रखें, तो उसे उस को सफल बनाने में समय नहीं लगता है ऐसा कर दिखाया है रतनारी गांव के रहने वाले आशुतोष चौहान ने उन्होंने पहली बार दिल्ली मंडी में सिंगल लेअर पैकिंग में भेज कर एक अलग प्रयोग किया है। प्रयोग इतना सफ़र रहा है कि दिल्ली की मंडी में अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में हाथों-हाथ बिका है। आशुतोष चौहान ने स्कारलेट -II, ग्रैनी स्मिथ और गोल्डन सेब को सिंगल सिंगल लेअर पैकिंग डिब्बे में भेजकर कर 130 रुपए किलो के हिसाब के दाम पाए हैं। सिंगल लेअर पैकिंग में स्कारलेट टू 550 सौ रुपए, ग्रैनी स्मिथ ₹650 ,और गोल्डन 350₹ प्रति डिब्बा बिका है।
इस बागवान के सिंगल लेयर ट्रैकिंग सिस्टम को शुरू करने से जहां हिमाचल के सेब को दिल्ली आजादपुर मंडी में एक नई पहचान दिलाई है, वहींं आने वाले समय में यह पैकिंग हिमाचल की सेब बागवानी में अलग पहचान देगी ।सेब के दाम में भारी गिरावट के चलते अक्टूबर में किन्नौर और कश्मीर का सेब औने-पौने भाव बिक रहा है,वही रतनाड़ी का ग्रैनी स्मिथ का सिंगल लेयर पांच किलो का डिब्बा दिल्ली मार्केट में 650 रुपए प्रति डिब्बा बिका है, गौर करने वाली बात है कि सेब की सिंगल लेयर पैकिंग रतनाड़ी के प्रगतिशील बागवान आशुतोष चौहान ने 18 को अक्टूबर दिल्ली की आजादपुर मंडी में शिव भोला FRUIT CO.को भेजी थी। इन विदेशी सेबो ने यह साबित कर दिया है कि राँयल सेब के दाम मै चाहे कितने भी गिरावट आ जाए लेकिन यह विदेशी सेब अक्तबर मे भी ऊंचे दामों में बिकेगा। आशुतोष चौहान का कहना है कि उन्होंने पहली बार सिंगल लेअर पैकिंग 250 बक्सा आजादपुर मंडी दिल्ली भेजा था,और वहां पर इसके दाम करीब 650,550और 350 रुपए सिंगल लेयर आए हैं, जो कि करीब130₹ ,110 ₹ और 70 ₹, प्रति किलो के हिसाब से मिले हैंं । 2017 मे भले ही रॉयल सेब के दाम के दाम में भारी गिरावट देखने को मिली लेकिन स्पर वेराइटी ,गाला और ग्रैनी स्मिथ सेेब के दामो रिकॉर्ड बनाए है। इस साल जेरोमाइन 3200 ₹,रेड विलोक्स 3000किलो,गेल गाला 1000₹ / 10 किलोग्राम और ग्रैनी स्मिथ के दाम 25 KG डिब्बा के दाम 3250/ आप के सामने है। जुलाई से लेकर अक्टूबर तक जो भी विदेशी वैराइटी मार्केट में गई है उसके दाम रॉयल वेराइटी से कई गुना अच्छे रहे हैं रहे हैं इस साल की इस साल जिस तरह खरीदारों ने विदेशी वेराइटी को हाथों-हाथ खरीदा है, इससे लगता है कि आने वाले समय में प्रदेश की बागवानी में कई बदलाव देखने को मिलेंगे यह बात सही है कि जो वेराइटी एलिवेशन में पैदा की जा सकती है ऊंचाई वाले क्षेत्रों में पैदा करने में दिक्कत आना संभव है लेकिन ऐसा नहीं है कि इस पर की खेती ऊंचाई वाले क्षेत्रों में नहीं की जा सकती है जिस तरह इस साल ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सेब के दाम गिरे हैं यहां तक कि किन्नौर और कश्मीर जैसे सेब के ऐसे भी ओने पौने भाव बीके हैं ऐसे में ग्रैनी स्मिथ पिंक लेडी जैसी लेट वेरायटी को तैयार करके भी बागवान अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं ।रतनाड़ी गांव के रहने वाले आशुतोष चौहान 8000 फीट की हाइट पर विदेशी सेब की सफल बागवानी कर रहे हैं और इसका नतीजा यह है कि अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में भी उनका विदेशी वैराइटी के अच्छे दामों मिले है। रतनाड़ी निवासी आशुतोष चौहान PGA ग्रुप के वॉइस प्रेजिडेंट भी है
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