रसायनों की हो संगत बढिय़ा, बागीचा भी होगा बेहतर

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सेब के बागीचों में फंगस और कीटों से बचाव के अलावा पौधों के न्यूट्रिएंट्स का ख्याल रखने के लिए रसायनों के छिडक़ाव का अहम रोल है। समय व धन की बचत को ध्यान में रखने के लिए बागवान एक या एक से अधिक रसायनों को आपस में मिलाकर स्प्रे करते हैं। अमूमन कीटनाशकों, फफूंदनाशक व खनिज पदार्थों को एक साथ स्प्रे किया जाता है। ऐसे में इन सभी के मिश्रण की कंपेटिबिलिटी पर जोर देना चाहिए। यदि मिश्रण सही न हो तो बागीचों पर बुरा प्रभाव पड़ता है।
यदि दो या दो से अधिक रसायन मिलाए जाएं और उनका असर उतना ही हो, जितना उन्हें अकेले-अकेले प्रयोग करने पर होता है, तो ऐसे में रसायनों को मिलाकर ही छिडक़ाव करना चाहिए। जैसे मेंकोजैब व कार्बेंडाजिम दोनों फफूंदनाशक हैं, क्लोरोपाइरीफॉस कीटनाशक व बोरिक एसिड न्यूट्रिएंट है। यदि इन तीनों को मिलाकर एकसाथ छिडक़ाव किया जाए तो इनके गुण इकट्ठे पौधों को मिल जाते हैं। इससे समय भी बचता है और मेहनत भी।
यह भी ध्यान रखना चाहिए जब दो रसायन मिलकर कम असर दिखाते हैं तो उनसे पौधे पर भी जहरीला प्रभाव होता है। उदाहरण के तौर पर बोर्डो मिश्रण के साथ कोई फफंूदनाशाक या कीटनाशक या खनिज पदार्थ का प्रयोग नहीं करना चाहिए। इससे पत्ते झुलस सकते हैं।
रासायनिक व भौतिक असंगतता:कुछ रसायन किसी भी तत्व के साथ मिश्रित नहीं होते। वे पौधे पर जहरीला प्रभाव छोडते हैं और औजारों को खराब कर देते हैं। उदाहरण के लिए बोर्डो मिश्रण। रासायनिक असंगतता होने पर रसायन बदल जाता है, जबकि भौतिक असंगतता में इनके सख्त टुकड़ेञ्चजैलञ्चलैक्स आदि बन जाते हैं जो ठीक से पानी में घुल नहीं पाते और छिडक़ाव उपकरणों को खराब कर देते हैं। असंगतता में छिडक़ाव मिश्रण फट जाते हैं या उनसे झाग निकलती है या उनका रंग बदल कर उनसे बुलबुले उठते हैं। तब बेटऐवल पाउडर के इमलसीफायबल कन्सन्ट्रेट मिलाते हैं या फिर किसी रसायन के साथ तरल खाद मिलाते हैं तो असंगतता (इनकंपेटेबिलिटी) हो जाती है।

असंगतता (इनकंपेटेबिलिटी) के कारण
यदि स्प्रे में प्रयोग होने वाले पानी के स्रोत में आयरल, कैल्शियम या अन्य खनिज पदार्थ मिले हों तो इनकंपेटेबिलिटी के आसार अधिक रहते हैं। हार्ड वॉटर या अधिक पीएच वाला पानी भी कंपेटिबिलिटी में फर्क डालता है। कुछ खादों का पीएच बहुत होता है, जैसे यूरिया व अमोनिय युक्त नाइट्रोजन वाली खाद। कुछ का पीएच कम होता है, जैसे फास्फेट या फास्फोरिक एसिड युक्त खाद। इससे भी कंपेटिबिलिटी में फर्क आता है। यदि पानी अधिक गर्म या अधिक ठंडा हो तो भी मिश्रण नहीं बन पाता है। मिश्रण का क्रम यदि ठीक न हो तो भी असंगतता आ जाती है। उदाहरण के लिए बेटेएवल पाउडर से पहले यदि तैलीय पदार्थ को घोल दें तो मिश्रण खराब हो जाता है।
कैसे किया जाए संगतता का परीक्षण
रसायन की फारमूलेशन के साथ यह लिखा होता है कि कौन-कौन से जीवनाशकों को उसके साथ मिश्रित किया जाए। हमेशा थोड़े से जीवनाशकों को मिलाकर उनकी संगतता जांच लेनी चाहिए और इस थोड़े से मिश्रण को पौधे की एक व दो टहनियों पर जांच लेना चाहिए।
कैसे करें संगतता की जांच
साफ शीशे के जार में 1 लीटर पानी लें। इसमें एक चाय की चम्मच संगतता रसायन या क्रियान्वित करने वाला तत्व डालें। फिर एक टेबल चम्मच संगतता रसायन या क्रियान्वित करने वाला तत्व डालें। एक टेबल चम्मच बेटऐवल पाउडर या सूखा बहने वाला तत्व, एक चाय की चम्मच घुलने वाला पाउडर व अंत में फैलने वाला चिपकने वाला पदार्थ डालें।
इन सब को मिलाने के बाद मिश्रण को 15 मिनट तक ठहरने दें। अच्छे से मिलाकर मिश्रण का निरीक्षण करें। अब शीशे के जार को छू कर देखें कि वह गर्मी तो नहीं दे रहा। यदि मिश्रण गर्म है तो यह रसायन नहीं मिलाए जा सकते। इस घोल को फिर 15 मिनट के लिए रखें तथा फिर उसे छू कर देखें। यदि मिश्रण में सख्त टुकड़े बनते हैं या नीचे तल में बैठ जाए या सतह पर पपड़ी बन जाए तो जानिए कि मिश्रण में संगतता नहीं हैं। यदि असंगतता के कोई भी चिन्ह नहीं नज़र आए तो मिश्रण को 24 घंटे तक ठहरने दें और साथ ही कुछ टहनियों पर छिडक़ाव करें। अंत में यदि असंगतता के कोई भी लक्षण नज़र न आए तो इस मिश्रण प्रयोग किया जा सकता है।

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