बोरान की कमी से क्या होता है

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boricacidशाखाओं पर अनेक कपोल बनते हैं जोकि गुलाब के फूल का आकार ले लेते हैं। शाखाएं बौनी रह जाती है प्ररोहमरण के साथ छाल खुरदरी और छिलने लग जाती है तथा शिराएं त्वक्षीय हो जाती है। फलों का आकार उबड़-खाबड़ हो जाता है। फल का झडऩा अधिक हो जाता है। बोरान की अधिकता 60-70 पी.पी.एम. होने पर फल जल्दी पक कर गिर जाता है। कम बोरान 25 पी.पी.एम. होने पर कपोलों के फटने में एक सप्ताह का विलम्ब हो जाता है। 14-21 पी.पी.एम. मात्रा होने पर फल में भूरे रंग के धब्बे पड़ जाते है। 12 पी. पी. एम. से कम मात्रा होने पर प्ररोहमरण हो जाता है और 17 पी.पी.एम. हाने पर पुष्पमंझरी फट जाती है। पत्तियों में बोरोन की मात्रा 60 से 70 पी.पी.एम. होने पर फल जल्दी पक कर झड़ जाते है।
रोकथाम: बोरिक एसिड 0.1 प्रतिशत की दर से फूल बनने से पहले छिडक़ाव करें।

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