पत्ता मुडऩ रोग:

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यह रोग टैफराइना डिफॉर्मेन्स नामक फंफूद के कारण होता है। आरम्भ में प्रभावित पत्ते पीले-हरे रंग के मुड़े हुए होते है जो बाद में गलुलाबी रंग के हो जाते है। बाद में ग्रसित पत्तो मोटे, हल्के रहे व सामान्य पतियोंऐ 3-4 गुणा बड़े आकार के हो जाते हैं, पत्तियां चमड़े की तरह मोटी व विकृत हो जाता है मरोडऩे पर टूट जाती हें व बाद में कांसे के रंग की होकर सूख जाती है। प्रभावित पत्ते झड़ जाते हैं। ग्रसित फलों पर जगह जगह उभार बन जाते हैं व आकार विकृत हो जाता है। पेड़ों पर नई पत्तियां आना आरम्भ हो जाती है जिस कारण पौधों व फलों की बढ़ोतरी रूक जाती है।
प्रबन्धन:- पौधों की कली सूजन से गुलाबी कली के दौरान कार्बेन्डाजिम (100 ग्राम) या कैपटान (600ग्राम)या कापर आक्सीक्लोरईड (600ग्राम) 200 लीटर पानी में घोल कर, एक छिडक़ाव करें। अगर बागीचे में बिमारी का प्रकोप आ गया है तो हैक्साकोनाजोल (100मि.ली.) 200 लीटर पानी में घोल कर 10 दिन के अन्तराल पर दो बार छिडक़ें।
Marssonina leaf blotch

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